000 | 02915 a2200181 4500 | ||
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999 |
_c26916 _d26916 |
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020 | _a9788123793771 | ||
082 |
_a954.0863 _bPAN-B |
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100 |
_a पाण्डेय, ओम प्रकाश _ePandey, Om Prakash |
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245 | _aभारत वैभव | ||
246 | _aBharat Vaibhav | ||
250 | _a1st | ||
260 |
_bNational Book Trust _c2020 _aNew Delhi |
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300 | _a455p | ||
520 | _a इस पुस्तक मैं वेद तथा ब्राह्मण, आरण्यक व उरपानिषद सहित येदाड़ एवं उपयेद में वर्णित आर्ष ज्ञान परंपरा, पुराणों की महत्ता, दर्शन व उसके विविध स्वरूप, भारत राष्ट्र की सनातनता के वास्तविक स्वरूप, भारतीय संस्कृति/सभ्यता>संस्कार व लोक व्यवस्थाएँ, भाषाओं व लिपियों का विकास, आंडू व. गणित विद्या, कालगणना की भारतीय अवधारणाएँ, प्राचीन शिक्षा पद्धति की उत्कृष्टता, कला (नृत्य, संगीत, वाद्य व स्थापत्य) तथा साहित्यिक वाइमय की विपुलता, वैज्ञानिक अन्वेषणों की विलक्षण उपलब्धियाँ, पारिस्थितिकी के अनुरूप तकनीकी दक्षता, आयुर्वेद चिकित्सा व भक्ष्याभक्ष्य विचार, योग साधना, पर्यावरण के प्रति भारतीय दृष्टि, कृषि व उद्योग का उत्कर्ष, अर्थ-चिन्तन की शुचिताएँ, राजनीति व दण्ड विधान की मौलिकता के साथ परिक्षिष्ट में भारतीय क्रषि परम्परा, महाभारत काल पश्चात् हुए राजवंशों तथा प्रमुख भारतीय पर्व व त्योहारों की सूचियों के अतिरिक्त वैश्विक विद्वानों द्वारा भारतीय ज्ञान परम्परा की प्रशस्ति में व्यक्त किए गए उदगारो को समावेशित किया गया है! | ||
546 | _aHindi | ||
650 |
_aHistory _vCultural & Custom _vReligion -- Hindu _zIndia |
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942 |
_2ddc _cBK |